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List of all Prime Ministers of India (1947-2022):

भारत का प्रधानमंत्री लोकसभा (निचले सदन) में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे। वर्ष 1947 से 2022 तक भारत ने 15 प्रधानमंत्री देखे हैं। आइए इस लेख के माध्यम से भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची पर नज़र डालते हैं।

भारत का प्रधानमंत्री देश में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार का नेता होता है।भारत के संविधान में प्रधानमंत्री के निर्वाचन और नियुक्ति के लिए कोई विशेष प्रक्रिया नहीं दी गयी है। अनुच्छेद 75 केवल यह कहता है कि प्रधानमंत्री की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।

प्रधानमंत्री को पद ग्रहण करने से पूर्व भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है।प्रधानमंत्री अपने साथ एक कैबिनेट का चयन भी करता है और उसकी सिफारिश पर ही राष्ट्रपति अन्य केन्द्रीय मंत्रियों को पद की शपथ दिलाता है। हालांकि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय  दिया जायेगा इसका फैसला प्रधानमंत्री करता है।

भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू इस पद पर सबसे अधिक समय तक रहे थे।  प्रधानमंत्री पद पर सबसे कम अवधि तक रहने वाले  प्रधानमंत्री श्री गुलजारी लाल नंदा हैं। नंदा जी भारत के पहले कार्यवाहक प्रधानमन्त्री भी थे और 13 दिनों तक पद पर रहे थे।

आइए जानते हैं कि अब तक भारत में कौन-कौन से लोग प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं और उन्होंने कितने दिनों तक शासन संभाला है?

भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची (List of all Prime Ministers of India 1947-2022)

          नाम                               ऑफिस             टिप्पणी 
1. जवाहर लाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964
16 साल286 दिन
भारत के पहले प्रधानमंत्री और सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले व्यक्ति।
2. गुलजारी लाल नंदा 27 मई 1964 से 9 जून 1964
13 दिन
पहले कार्यवाहक प्रधानमन्त्री, सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री रहे।
3. लाल बहादुर शास्त्री 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966
1 वर्ष216 दिन
इन्होंने 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय “जय जवान जय किसान” नारा दिया था।
(2). गुलजारी लाल नंदा 11 जनवरी 1966 से 24 जनवरी 1966

13 दिन

4. इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977
11 साल59 दिन
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री।
5. मोरारजी देसाई 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979
2 साल126 दिन
सबसे वृद्ध (81वर्ष) प्रधानमन्त्री और पद से इस्तीफ़ा देने वाले पहले प्रधानमंत्री।
6. चरण सिंह 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980
170 दिन
अकेले ऐसे पीएम जिन्होंने संसद का सामना नहीं किया।
(4) इंदिरा गांधी 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984
4 साल291 दिन
प्रधानमंत्री पद दूसरी बार संभालने वाली पहली महिला।
8. राजीव गांधी 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989

5 साल32 दिन

सबसे युवा प्रधानमन्त्री (40 वर्ष)।
9. विश्वनाथ प्रताप सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990

343 दिन

पहले PM जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पास होने से पद छोड़ा था।
10. चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991
223 दिन
समाजवादी जनता पार्टी से सम्बंधित।
11. पी. वी. नरसिम्हा राव 21 जून 1991 से 16 मई 1996
4 साल, 330 दिन
दक्षिण भारत से पहले PM।
12. अटल बिहारी वाजपेयी 16 मई 1996 से 1 जून 1996
16 दिन
केवल 1 वोट से सरकार गिरी थी।
13. एच. डी. देव गौड़ा 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997

324 दिन

जनता दल से सम्बंधित थे।
14. इंदर कुमार गुजराल 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998

332 दिन

व्यक्तिगत रूप से भारत के 13वें PM।
(12). अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004
6 साल64 दिन
पहले गैर-कांग्रेसी PM जिन्होंने कार्यकाल पूरा किया।
16. मनमोहन सिंह 22 मई 2004 से 26 मई 2014
10 साल2 दिन
पहले सिख प्रधानमन्त्री।
17. नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 से अब तक दूसरे गुजराती PM, पहले मोरारजी थे। चौथे PM हैं जो कि लगातार दूसरा कार्यकाल पूरा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी भारत के चौथे ऐसे प्रधानमन्त्री होंगे जो प्रधानमन्त्री के रूप में 2 कार्यकाल पूरा करेंगे। इसके साथ ही वह पहले गैर-कांग्रेसी  प्रधानमंत्री होंगे जो 2 कार्यकाल पूरा करेंगे।

जानें भारतीय प्रधानमंत्री की शक्तियां एवं कार्य क्या हैं?

नरेन्द्र मोदी व्यक्तिगत तौर पर भारत के 15वें प्रधानमन्त्री हैं. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 75 केवल इतना कहता है कि भारत का एक प्रधानमंत्री होगा जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा. प्रधानमंत्री, मंत्रीपरिषद का नेता होता है. राष्ट्रपति केवल नाममात्र का शासक होता है जबकि प्रमुख कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री में निहित होती हैं.

भारत में राष्ट्रपति राष्ट्र का प्रमुख होता है जबकि प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है. अर्थात भारत के संविधान में प्रधानमंत्री के पद को वास्तविक शक्ति प्राप्त होती है जबकि राष्ट्रपति केवल नाममात्र का शासक होता है. प्रधानमन्त्री को पद ग्रहण करने से पूर्व भारत के राष्ट्रपति द्वारा उसे पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है. आइये अब प्रधानमंत्री के कार्यों को विस्तृत रूप में जानते हैं.

भारत के 7 प्रधानमंत्री और उनकी अद्भुत कारें

नोट: यदि प्रधानमंत्री अपने पद से त्यागपत्र दे देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है तो अन्य मंत्री कोई कार्य नही कर सकते हैं अर्थात प्रधानमंत्री की मृत्यु के साथ ही मंत्रिपरिषद स्वयं विघटित हो जाती है l

नियुक्तियों के सम्बन्ध में अधिकार:

प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को निम्न अधिकारियों की नियुक्ति के सम्बन्ध में राय देने अधिकार है :
I. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

II. भारत का महान्यायवादी

III. भारत का महाधिवक्ता

IV. संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष एवं उसके सदस्यों का चुनाव

V. चुनाव आयुक्तों का चुनाव

VI. वित्त आयोग का अध्यक्ष एवं सदस्यों का चुनाव

संसद के सन्दर्भ में अधिकार: प्रधानमंत्री निचले सदन का नेता होता है और वह निम्न शक्तियों का प्रयोग करता है l
1. वह राष्ट्रपति को संसद का सत्र आहूत करने और उसका सत्रवसान करने का परामर्श देता है l

2. वह लोक सभा को किसी भी समय विघटित करने की सलाह राष्ट्रपति को दे सकता है l

3. वह सभा पटल पर सरकार की नीतियों की घोषणा करता है l
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Image Source:NDTV.com

प्रधानमंत्री की अन्य शक्तियां :

1. वह राष्ट्र की विदेश नीति को मूर्त रूप दने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है l

2. वह केंद्र सरकार का मुख्य प्रवक्ता होता है l

3. वह सत्ताधारी दल का नेता होता है l

4. योजना आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद्, राष्ट्रीय एकता परिषद्, अंतर्राज्यी य परिषद् और राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद् का अध्यक्ष होता हैl

5. आपातकाल के दौरान राजनीतिक स्तर पर आपदा प्रबंधन का प्रमुख होता है l

6. वह सेनाओं का राजनीतिक प्रमुख होता है l
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भारत के राष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार होता है

राष्ट्रपति के साथ संबंध:

राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री में बीच सम्बन्ध निम्न दो अनुच्छेदों में दिया गए हैं
1. अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगाl राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार कार्य करेगा हालांकि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से उसकी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है और राष्ट्रपति इस पुनर्विचार के बाद दी गयी सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य होगा l
2.  अनुच्छेद 75:
a. प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा. प्रधानमंत्री की ही सलाह पर वह अन्य मंत्रियों की भी
नियुक्ति करेगा l
b. मंत्री, राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यन्त अपने पद पर बने रह सकते हैं l
c. मंत्रिपरिषद, लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी l

प्रधानमंत्री के कर्तव्य:

1. मंत्रीपरिषद् के सभी कार्यों की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपना l

2. देश में आपातकाल या कोई अन्य मामला जैसे ‘विदेश नीति’ के सम्बन्ध में राष्ट्रपति को पूरी जानकारी देना l

3. संघ के कार्यकलाप एवं प्रशासन सम्बन्धी मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय पर राष्ट्रपति को सूचित करे l

प्रधानमंत्री के कार्यों पर टिप्पणी करते हुए डॉक्टर अम्बेडकर ने कहा कि यदि हमारे संविधान के अंतर्गत किसी “कार्यकारी” की यदि अमेरिका के राष्ट्रपति से तुलना की जाये तो वह “भारत का प्रधानमंत्री” होगा न कि ‘राष्ट्रपति’ l
इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि भारत की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति केवल नाममात्र का कार्यकारी प्रमुख होता है तथा वास्तविक कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री में निहित होती हैं l

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